राजव्यवस्था · सामान्य अध्ययन
राज्यपाल
नियुक्ति, कार्यकाल, शक्तियाँ एवं भूमिका
राज्यपाल राज्य का संवैधानिक प्रमुख होता है और राज्य की कार्यपालिका शक्ति उसी में निहित होती है। यह पद संविधान के भाग-VI, अनुच्छेद 152-167 में वर्णित है।
योग्यता एवं नियुक्ति
- भारत का नागरिक होना आवश्यक
- न्यूनतम आयु 35 वर्ष
- किसी भी राज्य की विधानसभा का सदस्य चुने जाने योग्य होना चाहिए
- लाभ का पद धारण न करता हो
- राष्ट्रपति द्वारा नियुक्ति (अनुच्छेद 155)
- सामान्यतः कार्यकाल 5 वर्ष, परंतु राष्ट्रपति के प्रसाद पर्यंत पद पर बना रहता है
प्रमुख शक्तियाँ
| शक्ति का प्रकार | विवरण |
|---|---|
| कार्यकारी शक्तियाँ | मुख्यमंत्री एवं अन्य मंत्रियों की नियुक्ति |
| विधायी शक्तियाँ | सत्र बुलाना, विघटन, अभिभाषण देना |
| वित्तीय शक्तियाँ | धन विधेयक को स्वीकृति, राज्य वित्त आयोग का गठन |
| विवेकाधीन शक्तियाँ | राष्ट्रपति शासन की सिफारिश (अनुच्छेद 163(1)) |
| न्यायिक शक्तियाँ | क्षमादान, परिहार, लघुकरण (मृत्युदंड को छोड़कर) |
परीक्षा दृष्टिकोण: राज्यपाल की नियुक्ति, कार्यकाल एवं विवेकाधीन शक्तियों से जुड़े प्रश्न सबसे अधिक पूछे जाते हैं — विशेषकर अनुच्छेद संख्या याद रखना उपयोगी है।
अभ्यास प्रश्न
1. राज्यपाल की नियुक्ति किस अनुच्छेद के तहत होती है?
A. अनुच्छेद 153 B. अनुच्छेद 155 C. अनुच्छेद 163 D. अनुच्छेद 164
उत्तर: B. अनुच्छेद 155
2. राज्यपाल पद के लिए न्यूनतम आयु कितनी निर्धारित है?
A. 25 वर्ष B. 30 वर्ष C. 35 वर्ष D. 40 वर्ष
उत्तर: C. 35 वर्ष
3. राज्यपाल की मृत्युदंड क्षमा करने की शक्ति के बारे में क्या सत्य है?
A. पूर्ण अधिकार है B. अधिकार नहीं है C. राष्ट्रपति की सहमति से D. केवल आपातकाल में
उत्तर: B. अधिकार नहीं है
4. एक राज्यपाल को एक से अधिक राज्य में नियुक्त करने का प्रावधान किस संशोधन से जुड़ा है?
A. 42वां संशोधन B. 44वां संशोधन C. 7वां संशोधन D. 61वां संशोधन
उत्तर: C. 7वां संशोधन
5. राज्यपाल को पद से कौन हटा सकता है?
A. मुख्यमंत्री B. राष्ट्रपति C. उच्च न्यायालय D. विधानसभा
उत्तर: B. राष्ट्रपति
6. राज्यपाल की विवेकाधीन शक्तियाँ किस अनुच्छेद में वर्णित हैं?
A. अनुच्छेद 155 B. अनुच्छेद 158 C. अनुच्छेद 163(1) D. अनुच्छेद 167
उत्तर: C. अनुच्छेद 163(1)
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