🔥 Only 65% of visitors can answer today's quiz.

Prepare Smarter.
Achieve More.

करो तैयारी, पाओ सफलता!

India's trusted platform for SSC exam preparation, mock tests, study material, and results.

Judicial Review Activism, न्यायिक समीक्षा एवं न्यायिक सक्रियत

राजव्यवस्था · सामान्य अध्ययन

न्यायिक समीक्षा एवं न्यायिक सक्रियता

पृष्ठभूमि, संवैधानिक आधार एवं महत्वपूर्ण वाद

न्यायिक समीक्षा वह शक्ति है जिसके तहत न्यायपालिका किसी कानून या कार्यपालिका के कार्य की संवैधानिकता की जांच कर सकती है। यह अवधारणा अमेरिका से ली गई है, और इसका पहला उदाहरण मार्बरी बनाम मैडिसन (1803) का वाद है।

संवैधानिक आधार

  • संविधान में 'न्यायिक समीक्षा' शब्द का सीधा उल्लेख नहीं है, परंतु विभिन्न अनुच्छेदों से यह शक्ति प्राप्त होती है
  • यह शक्ति उच्चतम न्यायालय एवं उच्च न्यायालय दोनों को प्राप्त है
  • न्यायाधीश सैयद शाह कादरी ने इसके तीन आधार बताए: (i) संविधान संशोधन (ii) विधि निर्माण (iii) असंवैधानिक कानून निरस्त करना
  • यह संविधान के मूल ढांचे का हिस्सा माना जाता है

महत्वपूर्ण वाद क्रम

वादवर्षमहत्व
गोलकनाथ वाद1967मूल अधिकारों में संशोधन की सीमा पर निर्णय
केशवानंद भारती वाद1973संशोधन संभव, परंतु मूल ढांचे में नहीं
बैंक राष्ट्रीयकरण मामला1970संपत्ति के अधिकार से संबंधित
मिनर्वा मिल्स वाद1980संविधान संशोधन की सीमाओं की पुष्टि
राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (99वां संशोधन)2014/2015उच्चतम न्यायालय द्वारा असंवैधानिक घोषित

न्यायिक सक्रियता (Judicial Activism)

  • अवधारणा अमेरिका से प्रेरित है
  • भारत में इससे जुड़े प्रमुख नाम: पी.एन. भगवती, वी.आर. कृष्ण, चिन्मय रेड्डी, डी.ए. देसाई
  • गोलकनाथ बनाम पंजाब राज्य (1967) — विधायिका, कार्यपालिका व न्यायपालिका का एक-दूसरे में हस्तक्षेप न करने का सिद्धांत
  • उद्देश्य: सामाजिक न्याय, अधिकारों की रक्षा, शक्ति विभाजन में संतुलन बनाए रखना

परीक्षा दृष्टिकोण: न्यायिक समीक्षा और न्यायिक सक्रियता को अक्सर एक-दूसरे से जोड़कर पूछा जाता है, परंतु दोनों अलग अवधारणाएं हैं — यह अंतर स्पष्ट रूप से समझना आवश्यक है।

अभ्यास प्रश्न

1. न्यायिक समीक्षा की अवधारणा किस देश से ली गई है?

A. ब्रिटेन    B. अमेरिका    C. आयरलैंड    D. कनाडा

उत्तर: B. अमेरिका

2. केशवानंद भारती वाद किस वर्ष का है?

A. 1967    B. 1970    C. 1973    D. 1980

उत्तर: C. 1973

3. गोलकनाथ वाद किस वर्ष का है?

A. 1963    B. 1967    C. 1973    D. 1980

उत्तर: B. 1967

4. राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (99वां संशोधन) को उच्चतम न्यायालय ने कब असंवैधानिक घोषित किया?

A. 2010    B. 2012    C. 2015    D. 2018

उत्तर: C. 2015

5. न्यायिक समीक्षा के तीन आधार किस न्यायाधीश ने बताए?

A. वी.आर. कृष्ण    B. सैयद शाह कादरी    C. पी.एन. भगवती    D. डी.ए. देसाई

उत्तर: B. सैयद शाह कादरी

6. मार्बरी बनाम मैडिसन वाद किस वर्ष का है?

A. 1803    B. 1901    C. 1950    D. 1973

उत्तर: A. 1803

और स्टडी मटेरियल चाहिए?

Study Materials Hub पर वापस जाएं →

No comments:

Post a Comment